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अगर सरकार जरा सी भी रुचि ले तो शिखर पहाड़ी पर स्थित सिद्ध शक्ति पीठ मां आदि हिमानी चामुण्डा का प्राचीन मन्दिर , माता वैष्णो देवी की तर्ज पर जिला का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन उद्योग बन सकता है :- प्रवीन कुमार पूर्व विधायक

पालमपुर, रिपोर्ट 
मुख्यमन्त्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूर दृष्टि से जिला कांगड़ा  पर्यटन की राजधानी बनेगा । इस दावे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पालमपुर  के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने सर्वप्रथम मुख्यमंत्री का ध्यान शिखर पहाड़ी पर स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां आदि हिमानी चामुण्डा मंदिर की ओर दिलाते हुए कहा है अगर वाक्य ही उक्त संकल्प के आधार पर सरकार जरा सी भी रुचि ले तो यह मन्दिर माता वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर जिला कांगड़ा का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन बन सकता है । 
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री महोदय को अवगत करवाना चाहा है कि बतौर विधायक उन्होंने सबसे पहले उपरोक्त इस पुराने चामुंडा मंदिर का चामुण्डा नन्दिकेश्वर  ट्रस्ट के साथ विलय करवाया था । क्योंकि इससे पहले इस मंदिर का संचालन कमेटी द्वारा किया जाता था जो कि आपसी टकराव के कारण  विवादों में था । पूर्व विधायक ने कहा फिर विभागीय टीमों के साथ मन्दिर पहुँच कर  मन्दिर के भवन एवं सौन्दर्य करण का प्रारूप बना कर प्राकलन तैयार करवा कर हैलीपैड का निर्माण करवाया । 
फिर  दिल्ली की सुप्रसिद्ध सुमित एविएशन कम्पनी द्वारा हैली टैक्सी सेवा शुरू करवाई गई । पूर्व विधायक ने बताया कि उसके उपरांत तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल  के सहयोग से आदि हिमानी चामुण्डा के लिए रज्जू मार्ग का सर्वे करवाया । परिणामस्वरूप जिस कम्पनी ने प्रस्तावित रज्जू मार्ग का सर्वे किया उस टीम ने जिया रैस्ट हाऊस के साथ लगते पंचायत के बागीचे को बेस प्बायंट चिन्हित किया ।
 लेकिन जैसे ही सता परिवर्तन हुआ चिन्हित स्थल को बदल कर तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह  के कर कमलो से चामुण्डा लंगर भवन के साथ रज्जू मार्ग का शिलान्यास करवा दिया गया । पूर्व विधायक ने कहा 10 वर्ष से ऊपर समय हो गया न रज्जू मार्ग ओर न ही अभी तक मंदिर का भवन बन कर तैयार हुआ । श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू की गई हैली टैक्सी सेवा को बंद कर दिया गया । पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत करवाना चाहा है कि बतौर केंद्रीय मन्त्री  शांता कुमार  ने जहाँ एक तरफ मंदिर तक सड़क पहुंचाने के लिए कंड - करडियाणा में केन्द्रीय प्रायोजित योजना से सड़क का भूमि पूजन किया , वहीं दूसरी तरफ जिया - बडसर के जिग जैग रास्ते के लिए 50 लाख रुपए मंजूर किए।  
जिससे केवल 4:30 (साढे चार किलोमीटर) ही रास्ता बन पाया था । उसके आगे उबड खाबड रास्ते की स्थिति वैसे की वैसी ही है जबकि सडक की विगत बीस वर्षों से आज दिन तक एफ सी ए क्लीरियंस नहीं हुई । पूर्व विधायक ने कहा कि गर्मियों में यहाँ दिन रात मंदिर के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धांलु माथा टेकने जाते हैं परंतु रात के अंधेरे में टेडे मेडे इस रास्ते पर उनको बहुत ठोकरें खानी पड़ती है । नतीजन श्रद्धालुओं की इसी गम्भीर समस्या को ध्यान में रखते हुए उनकी "इन्साफ" संस्था ने मन्दिर के प्रति आस्था रखने वालों व स्थानीय  पंचायत के सहयोग से 101 सोलर लाइटें मंजूर करवाई हैं जो कि शीघ्र ही लगना शुरू हो जाएगी।

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